अमेरिका में इसायस तूफान का कहर, फ्लोरिडा में भारी तबाही; कई राज्यों में बिजली गुल
अक्षर
अमेरिका में इसायस तूफान ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में उठी ऊंची लहरों के कारण फ्लोरिडा और अलबामा समेत कई क्षेत्रों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। तूफान के असर से बड़ी संख्या में घरों और कारोबारों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जबकि कुछ इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया। अधिकारियों और राहत दलों के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है।
फ्लोरिडा के पास तट से टकराया तूफान
रिपोर्टों के मुताबिक, इसायस तूफान शुक्रवार, 9 अक्टूबर को फ्लोरिडा के डेस्टिन के नजदीक अमेरिकी खाड़ी तट से टकराया। उस समय यह श्रेणी-2 का तूफान था और इसकी हवाओं की रफ्तार काफी तेज थी। तूफान के साथ आई बारिश और समुद्री लहरों ने तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दीं।
तूफान के आगे बढ़ने के दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने और सड़कों पर मलबा जमा होने की खबरें सामने आईं। इससे यातायात प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति बहाल करने के काम में भी परेशानी आई।
तूफान कमजोर हुआ, लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार
अमेरिकी मौसम एजेंसियों के अनुसार, तट से टकराने के बाद इसायस कमजोर पड़ गया। हालांकि, इसके कमजोर होने से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। तूफान से जुड़ी बारिश आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी अमेरिका और उत्तरी कैरोलाइना के कुछ हिस्सों में बाढ़ की आशंका बढ़ा सकती है।
कुछ क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने का जोखिम बना हुआ है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रभावित राज्यों में राहत और मरम्मत का काम जारी है। बिजली कंपनियां आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं, जबकि प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। खराब मौसम और सड़क पर फैले मलबे के कारण कुछ स्थानों पर राहत कार्यों में अतिरिक्त समय लग सकता है।
अधिकारियों के लिए फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, बिजली बहाल करना और बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों पर नजर रखना प्राथमिकता है।
इसायस तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद अमेरिका के कई हिस्सों में मौसम संबंधी जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
