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उपमुख्यमंत्री आवास का घेराव, शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग नाराज

अक्षर
उपमुख्यमंत्री आवास का घेराव, शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग नाराज
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
अभ्यर्थी केशव चाचा न्याय करो का नारा लगाकर धरने पर बैठ गए। शिक्षक भर्ती में शामिल आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने रविवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई न होने से अभ्यर्थी नाराज है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रही। पुलिस ने सभी को बस से धरना स्थल इको गार्डेन भेज दिया।

अमरेंद्र पटेल
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि हाई कोर्ट के फैसले को सरकार ने जानबूझ कर लटका दिया, जिससे यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में चला गया। सरकार के पास पर्याप्त समय था, वह हाईकोर्ट डबल बेंच के फैसले का पालन करके सबके साथ न्याय कर सकती थी।

आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया
एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद बीते 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया। लेकिन सरकार इस प्रकरण में हीला हवाली करती रही।

माननीय सुप्रीम कोर्ट
पटेल ने कहा कि हम पिछड़े, दलित, गरीब अभ्यर्थी अधिकारियों और सरकार के इस रवैया से काफी हताश और परेशान हैं। त्वरित न्याय की कोई सीमा होती है यह नहीं की महीनों मामला लटका रहे। जो काम कुछ दिनों में हो सकता था उसे जानबूझकर टाल दिया गया है।
हम अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाई काेर्ट के फैसले से त्वरित न्याय किए जाने की बात कही थी। लेकिन उनकी बात को अधिकारियों ने नहीं माना। अब यह मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट में चला गया है।

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