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क्राइम पेट्रोल देखकर रची गई साजिश: शिमला अपहरण कांड

अक्षर
क्राइम पेट्रोल देखकर रची गई साजिश: शिमला अपहरण कांड
सनसनीखेज वारदात हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) के तीन छात्रों के अपहरण का मामला सुलझ गया है। इस सनसनीखेज वारदात के आरोपी सुमित सूद ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासा किया है, वह चौंकाने वाला है। आरोपी ने बताया है कि उसने टीवी शो 'क्राइम पेट्रोल' देखकर इस अपराध की योजना बनाई थी। बिजनेस में भारी नुकसान के बाद उसने यह कदम उठाया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे 13 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, जहां उससे और भी पूछताछ की जाएगी।

अपहरण की साजिश रची
पुलिस के अनुसार, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके आरोपी सुमित सूद ने आठ से दस दिन पहले ही इस अपहरण की योजना बना ली थी। उसने टीवी पर प्रसारित होने वाले अपराध पर आधारित शो 'क्राइम पेट्रोल' को देखकर अपहरण की पूरी साजिश रची थी। आरोपी खुद भी तीसरी से आठवीं कक्षा तक बिशप कॉटन स्कूल का छात्र रहा है और इसलिए उसे स्कूल के अंदर की पूरी जानकारी थी। फिरौती के लिए उसने बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करने के लिए कैलिफोर्निया के वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया ताकि उसे पकड़ा न जा सके।

टाउन आउटिंग लीव
आरोपी सुमित सूद जानता था कि राखी के दिन अधिकांश छात्र 'टाउन आउटिंग लीव' पर जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर वह शनिवार सुबह 5:45 बजे स्कूल गेट के पास पहुंच गया। दोपहर 12:12 बजे जब तीनों छात्र स्कूल से बाहर निकले, तो सुमित ने खुद को स्कूल का पुराना छात्र बताया। उसने बच्चों से कहा कि वह उन्हें ऑकलैंड टनल तक छोड़ देगा, जहां से वे आसानी से मालरोड जा सकते हैं। बच्चों ने उसकी बात मान ली और उसकी गाड़ी में बैठ गए। इसके बाद वह बच्चों को ठियोग से कोटखाई स्थित अपने घर ले गया।

रिवॉल्वर दिखाई और अभिभावकों के नंबर मांगे
जब आरोपी बच्चों को गलत दिशा में ले जाने लगा तो एक बच्चे ने उससे पूछा, "क्या आप हमारे साथ प्रैंक कर रहे हो?" इस पर आरोपी ने बताया कि "तुम किडनैप हो गए हो"। कुफरी में उसने गाड़ी रोककर बच्चों को रिवॉल्वर दिखाई, जिससे तीनों बच्चे डर गए। डर के कारण बच्चों ने आरोपी के कहने पर एक-दूसरे की आंखों पर टेप लगा दी। शाम साढ़े तीन बजे घर पहुंचने के बाद सुमित ने बच्चों को कपड़े बदलवाकर स्वेटर पहनाए और कहा कि वे अभी सोलन में हैं। उसने फ्रिज से पिज्जा निकालकर बच्चों को खाने को दिया और उनके अभिभावकों के नंबर मांगे।

सीसीटीवी फुटेज का सहारा
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। स्कूल गेट के बाहर की फुटेज में तीनों छात्रों को दोपहर 12:12 बजे बाहर निकलते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने बीसीएस, विजिलेंस ऑफिस और पास के होटलों की फुटेज खंगाली। इसमें एक टैक्सी और आरोपी की दिल्ली नंबर वाली गाड़ी संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने पहले टैक्सी को वेरीफाई किया, उसके बाद उसका शक यकीन में बदल गया कि बच्चों को दूसरी गाड़ी में ले जाया गया है। इस तरह पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई।

जिला कोर्ट से पुलिस रिमांड
पुलिस ने आरोपी सुमित सूद को सोमवार को गिरफ्तार कर जिला कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 13 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस दौरान उससे और भी गहनता से पूछताछ करेगी ताकि वारदात से जुड़े हर पहलू का खुलासा हो सके। यह घटना एक बार फिर इस बात को दर्शाती है कि संपन्न परिवार का होने और अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद कुछ लोग गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं, जिससे वे न केवल अपना, बल्कि दूसरों का जीवन भी खतरे में डाल देते हैं।






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