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पन्ना की खदान में रचना गोलदार को मिले हीरे, मध्य प्रदेश

अक्षर
पन्ना की खदान में रचना गोलदार को मिले हीरे, मध्य प्रदेश
पन्ना में हीरे
रचना गोलदार को हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर लगाई गई खदान क्षेत्र में एक हफ्ते के भीतर 8 हीरे मिले हैं।पन्ना जिले में एक बार फिर हीरे की चमक ने एक मजदूर महिला की किस्मत बदल दी। मजदूर महिला रचना गोलदार बड़गड़ी गांव की निवासी हैं।

हीरा पारखी अनुपम सिंह

अनुपम सिंह ने बताया कि सभी हीरों को महिला ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है और इन्हें आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इन 8 हीरों में से 6 नग जेम्स क्वालिटी के हैं, जिनका कुल वजन 2.53 कैरेट है। इनमें सबसे बड़े हीरे का वजन 0.79 कैरेट है। इसके अलावा, दो हीरे ऑफ-कलर के हैं। रचना की लगन और कड़ी मेहनत का फल मिलने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।


रचना गोलदार
महिला ने बताया कि जो हीरे मिले हैं वो छोटे-छोटे आठ हीरे हैं। ये ककरू में मिले हैं। सभी हीरे मैंने हीरा कार्यालय में जमा कर दिए हैं। मजदूर महिला रचना गोलदार का घर बड़गड़ी गांव में हैं। रचना के  घर पर हर समय कोई नहीं रहता है, इसलिए हीरा कार्यालय में हीरे जमा करा दिए हैं वहां सुरक्षित रहेंगे। रचना ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटे नौकरी करते हैं और एक बेटी की शादी हो चुकी है। रचना ने कहा कि हीरे मिलने की बहुत खुशी है। आगे भी हीरे की तलाश जारी रखेंगी। अभी हीरे की नीलामी में जो कीमत मिलेगी उससे घर के हालात सुधरेंगे।

नीलामी की प्रक्रिया
हीरा मिलने के बाद नीलामी की प्रक्रिया होती है, हर तीन महीने में ये नीलामी कराई जाती है। गुजरात, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य राज्यों से बड़े व्यापारी इसमें शामिल होते हैं। जहां हीरे की सही कीमत तय होती है। इसके बाद सरकार नीलामी की अंतिम कीमत से 12 प्रतिशत काट लेती है। बाकी की राशि हीरा खोजने वाले को दे दी जाती है। मजदूर महिला रचना गोलदार ने कहा खदान क्षेत्र हजारा मुद्दा में हीरे की तलाश जारी रखेंगी।
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