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भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ करोड़ों दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और छोटे दुकानदारों के लिए एनपीएस संचय: पी ऍफ़ आर डी ए

अक्षर
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ करोड़ों दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और छोटे दुकानदारों के लिए एनपीएस संचय: पी ऍफ़ आर डी ए
एनपीएस संचय राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) एक क्रांतिकारी पहल एनपीएस संचय के माध्यम से उन लोगों तक पेंशन की सुविधा पहुँचाने जा रहा है, जो अब तक सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर थे। यह योजना उन भ्रांतियों को तोड़ने का काम करेगी कि पेंशन केवल सरकारी या कॉर्पोरेट क्षेत्र के कर्मचारियों का विशेषाधिकार है। एक ऐसे देश में जहाँ करोड़ों दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और छोटे दुकानदार अपने बुढ़ापे की आय को लेकर अनिश्चित रहते हैं, वहां यह योजना एक सुरक्षा कवच के रूप में उभर रही है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका सरल निवेश ढांचा है, जो तकनीक और प्रबंधन के बोझ को निवेशक के कंधों से हटाकर सिस्टम पर डाल देता है।

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत
भारत में लगभग 50 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनमें से 31.63 करोड़ श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। ये वे लोग हैं जिनके पास न तो भविष्य निधि (PF) की सुविधा है और न ही कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) का लाभ। इनमें 54 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, जो घरेलू कामगार या कृषि मजदूर के रूप में कार्यरत हैं। रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का अभाव इन लोगों को आर्थिक विपन्नता की ओर धकेल देता है। 'एनपीएस संचय' विशेष रूप से इसी वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि उन्हें एक सम्मानजनक जीवन मिल सके।

छोटे दुकानदार और दिहाड़ी मजदूर
 इस योजना की कार्यप्रणाली को बेहद सुगम बनाया गया है ताकि एक सामान्य श्रमिक भी इसे आसानी से अपना सके। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों के लिए भविष्य की राह अब अधिक सुरक्षित और सुनहरी होने वाली है। आमतौर पर शेयर बाजार या बॉन्ड्स में निवेश करना आम आदमी के लिए जटिल होता है, लेकिन यहां फंड का आवंटन पहले से तय अनुपात में होगा। पीएफआरडीए का लक्ष्य इस योजना को हर जिले और हर कस्बे तक पहुँचाना है। इसके माध्यम से छोटे दुकानदार और दिहाड़ी मजदूर भी नियमित छोटी बचत के जरिए एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकेंगे।

पीएफआरडीए के चेयरमैन 
एस रमन ने बताया एनपीएस संचय राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के ढांचे पर आधारित है। इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है और जल्द ही यह देशभर में लॉन्च होगी। योजना की बड़ी खासियत इसकी सरलता है। एनपीएस संचय में इक्विटी और डेट के बीच संतुलन बनाने की जिम्मेदारी खुद सिस्टम निभाएगा। यह सरकारी कर्मचारियों के मॉडल की तरह काम करेगी, जिससे निवेशकों को बार-बार बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एनपीएस संचय सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह उन लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के साधन नहीं हैं।

मोबाइल ऐप के जरिए अंशदान करना और फंड की स्थिति देखना
सरकार इस योजना को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने पर भी विचार कर रही है ताकि मोबाइल ऐप के जरिए अंशदान करना और फंड की स्थिति देखना आसान हो सके। यह पहल न केवल व्यक्तिगत बचत को बढ़ावा देगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक पूंजी के प्रवाह को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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