भारत में नर्सिंग रिपोर्ट पर मंथन: विश्व स्वास्थ्य संगठन
अक्षर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
इस चर्चा से देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग पेशे को मजबूत करने और नई नीतियों का मार्ग प्रशस्त होगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक और क्षेत्रीय नर्सिंग निष्कर्षों को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एकीकृत करना है। दिल्ली में वर्ल्ड नर्सिंग रिपोर्ट 2025 पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। इस आयोजन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिनिधि डॉ. पायडेन ने कहा कि यह परामर्श भारत के स्वास्थ्य कार्यबल के एजेंडे के लिए एक निर्णायक मोड़ है।
स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स नर्सिंग रिपोर्ट 2025
इस परामर्श का उद्देश्य वैश्विक डेटा और परिदृश्यों का उपयोग करते हुए भारत की नर्सिंग पेशेवर चुनौतियों को हल करना है। इसमें नर्सिंग शिक्षा, कार्यबल का वितरण और उनके कल्याण पर गहन चर्चा की जा रही है। इस बैठक में भारत सरकार, विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों और नर्सिंग विशेषज्ञों सहित कई महत्वपूर्ण हितधारक शामिल हुए हैं। डब्ल्यूएचओ की प्रतिनिधि डॉ. पायडेन ने जोर देकर कहा कि स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स नर्सिंग रिपोर्ट 2025 पर विचार करना भारत के लिए बेहद लाभदायक है।
राष्ट्रीय हितधारक परामर्श
इस रिपोर्ट का उपयोग भारत में नर्सों और मिडवाइफों की संख्या बढ़ाने, उनके कौशल को विकसित करने और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के लिए किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि ने कहा कि नर्सिंग कार्यबल किसी भी मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ होता है। भारत को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इन वैश्विक सिफारिशों को अपनाना होगा। नर्सिंग के पेशेवर विकास और भविष्य के लिए रणनीतिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कियागया।
भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतिया
यह राष्ट्रीय परामर्श भारत के लिए एक ऐसा रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करता है जो न केवल नर्सिंग की वर्तमान मांगों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद, नर्सों के योगदान और कल्याण पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है। इस बैठक से आने वाले निष्कर्ष भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2025 में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं, जिससे देश का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा।
