बजट 2025: निर्मला सीतारमण की मधुबनी साड़ी और पद्मश्री दुलारी देवी
अक्षर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 का बजट पेश करते समय एक खास मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी पहनी। इस साड़ी का चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि हर साल बजट के दिन उनकी साड़ी चर्चा का विषय बन जाती है। इस बार उन्होंने बिहार की मशहूर कलाकार दुलारी देवी द्वारा बनाई गई साड़ी पहनी। यह साड़ी न सिर्फ सुंदर थी, बल्कि बिहार की पारंपरिक मधुबनी कला को भी एक मंच पर प्रदर्शित करती है।
मधुबनी कला बिहार के मधुबनी जिले की एक पुरानी और महत्वपूर्ण कला है, जिसे पूरे देश और विदेश में सराहा जाता है। इस कला की विशेषता है उसकी जीवंत रंगों और जटिल डिज़ाइनों में। इसे चित्रकला के रूप में दीवारों, कपड़ों, और कागज पर उकेरा जाता है। इस कला को जीवित रखने में दुलारी देवी जैसे कलाकारों का योगदान बहुत बड़ा है।
दुलारी देवी कौन हैं?
दुलारी देवी बिहार के मधुबनी जिले के रांटी गांव की रहने वाली हैं। वह मधुबनी पेंटिंग की मशहूर कलाकार हैं और 2021 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार मिला था। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ और उन्होंने कभी स्कूल नहीं जा पाईं।
संघर्षों से भरा जीवन
दुलारी देवी का जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा। उनकी शादी छोटी उम्र में हो गई थी, लेकिन 16 साल की उम्र में उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया। उनका एक बेटा था, लेकिन छह महीने की उम्र में उसकी मृत्यु हो गई। इतने दुख सहने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कला को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
मधुबनी पेंटिंग की ओर सफर
दुलारी देवी ने कई सालों तक घरों में झाड़ू-पोछा किया। इस दौरान उन्होंने कर्पूरी देवी और महासुंदरी देवी के घरों में काम किया, जो खुद मधुबनी पेंटिंग की जानी-मानी कलाकार थीं। वहां काम करते-करते उन्होंने मधुबनी पेंटिंग सीखनी शुरू कर दी और धीरे-धीरे इसमें माहिर हो गईं।
समाज के लिए योगदान
दुलारी देवी ने न केवल खुद को आगे बढ़ाया, बल्कि 1,000 से ज्यादा बच्चों को मधुबनी कला सिखाई। उनकी बनाई 10,000 से ज्यादा पेंटिंग अब तक 50 से अधिक प्रदर्शनियों में दिखाई जा चुकी हैं। वह बाल विवाह, भ्रूण हत्या और एड्स जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम भी करती हैं।
निर्मला सीतारमण और दुलारी देवी का सम्मान
जब निर्मला सीतारमण मधुबनी गई थीं, तब उनकी मुलाकात दुलारी देवी से हुई। उसी दौरान दुलारी देवी ने उन्हें साड़ी उपहार में दी और इसे बजट के दिन पहनने के लिए कहा। वित्त मंत्री ने इस साड़ी को पहनकर न सिर्फ दुलारी देवी, बल्कि पूरे बिहार की कला और संस्कृति का सम्मान किया।
