HIV संक्रमण और मृत्यु दर में गिरावट, एड्स नियंत्रण में भारत ने वैश्विक औसत को पछाड़ा: विश्व एड्स दिवस
विश्व एड्स दिवस
1 दिसंबर से ठीक एक दिन पहले, भारत सरकार ने एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में अभूतपूर्व प्रगति के आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2010 से 2024 की अवधि के बीच देश में वार्षिक नए एचआईवी संक्रमणों में 48.7 प्रतिशत की भारी कमी आई है, जबकि एड्स से संबंधित मौतों में 81.4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह उपलब्धि न केवल वैश्विक औसत से बेहतर है, बल्कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) की सशक्त रणनीतियों और सामुदायिक जुड़ाव की सफलता को भी दर्शाती है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP)
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के वर्तमान चरण के तहत भारत ने उल्लेखनीय प्रगति करना जारी रखा है। आंकड़ों के अनुसार, एचआईवी परीक्षणों की संख्या 2020-21 में 4.13 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 6.62 करोड़ हो गई है। यह जांच में वृद्धि संक्रमण की प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी अवधि में, एंटीरेट्रोवायरल ट्रीटमेंट (ART) तक पहुंच वाले पीएलएचआईवी (HIV के साथ जी रहे लोगों) की संख्या 14.94 लाख से बढ़कर 18.60 लाख हो गई है, जो उपचार कवरेज में सुधार को दर्शाता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय
भारत की यह प्रगति वैश्विक औसत से कहीं अधिक है, जो सशक्त नेतृत्व, घरेलू निवेश, साक्ष्य-आधारित रणनीतियों और मजबूत सामुदायिक सहभागिता का परिणाम है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा यह है कि माँ से बच्चे में एचआईवी संचरण में 74.6 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई यह उपलब्धि कार्यक्रम की सफलता का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी संक्रमण को समाप्त करने की दिशा में देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO)
इस राष्ट्रीय सफलता को आगे बढ़ाते हुए, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सोमवार को विज्ञान भवन में ‘विश्व एड्स दिवस’ के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का नेतृत्व करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे, जो एचआईवी की रोकथाम, उपचार, देखभाल और कलंक/भेदभाव को समाप्त करने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करेंगे। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी नेता, विकास भागीदार, युवा प्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य एक साथ आएंगे।
ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति
इस कार्यक्रम में युवाओं के नेतृत्व में एक फ्लैश परफॉर्मेंस आयोजित किया जाएगा, जो जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार के महत्व को रेखांकित करेगा। इसके बाद एक विषयगत प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें डिजिटल नवाचारों, कार्यक्रम की उपलब्धियों और समुदाय-आधारित मॉडलों को प्रदर्शित किया जाएगा। लाभार्थियों के अनुभवों और एक ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति के माध्यम से एनएसीपी-V के तहत भारत की प्रगति और आगामी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य
आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण एनएसीओ की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के तहत एक नई अभियान वीडियो श्रृंखला का विमोचन होगा। यह श्रृंखला तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित होगी: युवा और जागरूकता, ऊर्ध्वाधर संचरण (Vertical Transmission) का उन्मूलन, और कलंक व भेदभाव को समाप्त करना। ये पहलें 2030 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में एड्स को समाप्त करने के संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के भारत के प्रयासों को और गति देंगी।
























