अनाधिकृत कॉलोनियों को जैसी हैं, जहां हैं के आधार पर नियमित करने का निर्णय: केंद्र सरकार
अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय
केंद्र सरकार ने अप्रैल में 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों को जैसी हैं, जहां हैं के आधार पर नियमित करने का निर्णय लिया था। 24 अप्रैल से एमसीडी के स्वगम पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, राजस्व विभाग ने सभी पात्र निवासियों से अपील की है कि, वे पीएम उदय पोर्टल पर समय रहते आवेदन करें। परन्तु अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिला है। जबकि 1511 कॉलोनियों में करीब 45 लाख लोग रहते हैं। बुधवार को सरकार की तरफ से जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनियां आवास अधिकार योजना पीएम उदय के तहत पात्र निवासी 31 अक्टूबर तक ही आवेदन कर सकेंगे।
कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत अब तक करीब दो हजार आवेदन ही मिले हैं, जबकि इसका दायरा दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों तक फैला हुआ है। राजस्व विभाग ने अपील की है कि लोग जल्द से जल्द अनधिकृत कॉलोनी के मकान की रजिस्ट्री के लिए आवेदन करें। समय सीमा
समाप्त होने के बाद प्राप्त आवेदनों पर कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप जारी नहीं की जाएगी।
नियमितीकरण प्रमाणपत्र आवश्यक
प्रत्येक जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में पीएम उदय सेल भी बनाए गए हैं, जहां कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा रही है। ये दोनों दस्तावेज एमसीडी से नियमितीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही राजस्व विभाग के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में, संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। राजधानी की अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए, जरूरी कन्वेयंस डीड और ऑथराइजेशन स्लिप हासिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय की है। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने साफ किया है कि, इसके बाद इन दस्तावेजों के लिए कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
































