आत्मनिर्भरता से बढ़ रही भारत की समुद्री ताकत: भारतीय नौसेना
भारत की नौसैनिक शक्ति
तिरुवनंतपुरम, केरल में नौसेना दिवस समारोहों के हिस्से के रूप में आयोजित ऑपरेशन डेमो पर वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, एवीएसएम, एनएम, ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने भारतीय नौसेना के चल रहे परिचालनों और उपलब्धियों पर ताजा जानकारी और गहन अंतर्दृष्टि प्रदान की। यह संबोधन इस बात पर केंद्रित था कि कैसे भारत की नौसैनिक शक्ति तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। एडमिरल सक्सेना ने जोर देकर कहा कि नौसेना अब लगभग हर 40 दिन में एक नया युद्धपोत शामिल कर रही है, जो देश के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत का एक ठोस प्रमाण है।
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना
भारत की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखे। उन्होंने कहा, भारत के नौसैनिक प्लेटफॉर्म में अब 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री है। यह आंकड़ा देश के जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि नौसेना लगातार नई क्षमताओं को जोड़ रही है और लगभग हर 40 दिन में एक युद्धपोत शामिल कर रही है। इसमें नीलगिरी, सूरत और पनडुब्बी वाग्शीर जैसे प्रमुख स्वदेशी प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो हिंद महासागर में भारत की सामरिक स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ट्रेन ऐज यू फाइट (Train as you fight)
एडमिरल सक्सेना ने दक्षिणी नौसेना कमान (SNC) में प्रशिक्षण दर्शन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यहाँ का प्रशिक्षण दर्शन ट्रेन ऐज यू फाइट (Train as you fight) पर आधारित है, जिसका अर्थ है 'ऐसे प्रशिक्षण लें जैसे आप लड़ रहे हैं'। इस दर्शन का उद्देश्य कर्मचारियों को उन्नत जहाजों, पनडुब्बियों और विमानों को संचालित और बनाए रखने के लिए तैयार करना है। यह पाठ्यक्रम 'संज्ञान, कौशल और प्रौद्योगिकी' (Cognition, Skill, and Technology) पर केंद्रित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नौसेनाकर्मी न केवल उच्च प्रशिक्षित हों, बल्कि आधुनिक युद्ध की मांगों को पूरा करने के लिए तकनीकी रूप से भी सक्षम हों।
रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई है जब भारतीय नौसेना लगातार अपनी स्वदेशीकरण की गति बढ़ा रही है। आईएनएस माहे (Mahe-class ASW Corvette) और आईएनएस तारागिरी (प्रोजेक्ट-17A स्टील्थ फ्रिगेट) जैसे स्वदेशी युद्धपोतों का हाल ही में नौसेना में शामिल होना एडमिरल सक्सेना के इस बयान की पुष्टि करता है। भारतीय नौसेना ने रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (NIIO) का निर्माण शामिल है, जो तकनीकी उन्नति और स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
























