दुबई में 17 नवंबर से एयर शो शुरू, भारतीय वायुसेना के सूर्यकिरण और तेजस पहुँचे
अक्षर
भारतीय वायुसेना (IAF)
दुबई एयर शो 2025 में हिस्सा लेने के लिए IAF का एक विशिष्ट दल, जिसमें प्रसिद्ध 'सूर्यकिरण' एयरोबेटिक टीम और स्वदेशी 'तेजस' फाइटर जेट शामिल हैं, अल मकतूम एयरबेस पर उतर चुका है। भारतीय वायुसेना के इस कदम का उद्देश्य न केवल अपने सैन्य कौशल को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देना है। यह वैश्विक आयोजन 17 से 21 नवंबर 2025 तक अल मकतूम एयरबेस पर होगा।
वायुसेनाओं की भागीदारी
दुबई एयर शो दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक रक्षा आयोजनों में से एक है, जिसमें 100 से अधिक वायुसेनाओं की भागीदारी होने की उम्मीद है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता (Interoperability) और ऑपरेशनल एज को बढ़ावा देना है। भारतीय वायुसेना की भागीदारी भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को उजागर करेगी, विशेषकर 'तेजस' लड़ाकू विमान के प्रदर्शन के माध्यम से। इस तरह के मंच सैन्य और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम
अपने रोमांचक एरियल डिस्प्ले के लिए प्रसिद्ध है, जो भारतीय पायलटों के उच्च स्तरीय कौशल और सटीकता को प्रदर्शित करती है। वहीं, 'तेजस' स्वदेशी रूप से विकसित एक हल्का मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की उड़ान क्षमता का प्रतीक है। यह वैश्विक मंच अन्य देशों के लिए 'तेजस' की खूबियों को देखने और संभावित रक्षा सौदों पर बातचीत करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा। IAF की उपस्थिति भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी पुष्टि करती है।
दुबई एयर शो रक्षा उद्योग और वैश्विक वायुसेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक बाजार के रूप में कार्य करता है। इस मंच पर विभिन्न तकनीकी सत्र, व्यावसायिक बैठकें और रक्षा सौदों पर विचार-विमर्श होगा।
