पवित्र कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान: धर्मनगरी वाराणसी
धर्मनगरी वाराणसी
गंगा घाटों पर सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं थी। राजघाट से लेकर अस्सी घाट पर केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिखाई दिए। पवित्र कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
मोक्षदायिनी गंगा
पौराणिक मान्यता है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ दूर-दराज से आए लाखों लोगों ने मोक्ष दायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। घाटों पर हर तरफ हर हर गंगे और जय गंगा मइया के जयकारों से वातावरण गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
पुलिस प्रशासन
गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सड़कों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। पुलिस प्रशासन ने यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष डायवर्जन व्यवस्था लागू की, ताकि लाखों श्रद्धालु लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कार्तिक पूर्णिमा
आज कार्तिक पूर्णिमा पर भक्ति और एकता का संगम बन गया। गंगा की लहरों पर तैरते दीप (देव दीपावली), घाटों पर झिल मिलाती रोशनी और गंगा में डुबकी लगाने ने भारतीय आध्यात्मिक सुंदरता को और गहरा बना दिया है।
























