मतदाताओं की सत्यापन प्रक्रिया में बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के साथ एआई तकनीक की मदद: चुनाव आयोग
चुनाव आयोग
देश में दूसरे चरण में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया कराने की घोषणा की है। दूसरे चरण में देश के 12 राज्यों को एसआईआर के अंदर कवर किया जाएगा। दूसरे चरण के अंतर्गत पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ के अलावा अंडमान और निकोबार में एसआईआर होगा।
एआई की मदद
चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि, मतदाताओं की तस्वीरों, खासकर प्रवासियों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल की शिकायतों में बढ़ोतरी के चलते हम एआई की मदद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, एआई तकनीक से चेहरे मिलान तकनीक का इस्तेमाल उन मामलों का पता लगाने के लिए किया जाएगा जहां एक ही मतदाता की तस्वीर सूची में कई स्थानों पर दिखाई देती है।
निष्पक्षता पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा के चुनाव में ब्राजीली मॉडल के फोटो वाले पहचान पत्रों को लेकर खुलासा किया था। राहुल गांधी ने इन्हें लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि एआई तकनीक की मदद से अब किसी मतदाता की तस्वीर को दोबारा इस्तेमाल होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी।
बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ)
एआई तकनीक सत्यापन में मदद करेगी, लेकिन तकनीक के इस्तेमाल के बावजूद, बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। उन्हें घर-घर जाकर मतदाताओं की तस्वीरें लेनी होंगी। जब बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए) भरे हुए फॉर्म जमा करते हैं, तब भी बीएलओ को हस्ताक्षर सत्यापन के लिए व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाना होगा। अधिकारी ने बताया कि, अगर गणना और फॉर्म भरने के बाद कोई फर्जी या मृत मतदाता पाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ की होगी और बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका में रहेंगे।
























