यशोदा और कृष्ण की सबसे महंगी भारतीय ऐतिहासिक पेंटिंग को साइरस एस पूनावाला ने बताया: राष्ट्रीय धरोहर
यशोदा और कृष्ण की पेंटिंग
महाराष्ट्र के मुंबई में सैफ्रनआर्ट की नीलामी में मशहूर चित्रकार राजा रवि वर्मा की यशोदा और कृष्ण की पेंटिंग को सात मिनट तक चली तेज बोली के बाद इसे रिकॉर्ड कीमत पर 167.2 करोड़ रुपये में सीरम इंस्टीट्यूट के संस्थापक साइरस एस पूनावाला ने खरीदा है। इससे पहले सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग का रिकॉर्ड एम एफ हुसैन की 'ग्राम यात्रा' के नाम था, जो 118 करोड़ रुपये में बिकी थी।
राष्ट्रीय धरोहर
साइरस एस पूनावाला ने इस ऐतिहासिक यशोदा और कृष्ण की पेंटिंग को सिर्फ निजी संग्रह नहीं, बल्कि 'राष्ट्रीय धरोहर' बताया है। पूनावाला ने कहा कि इस पेंटिंग को समय-समय पर जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आमजन भी इसे देख सकें। उनकी इस खरीद को भारतीय कला बाजार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारतीय कला को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
भारतीय कला की पेंटिंग
भागवत पुराण के एक प्रसंग के अनुसार 'यशोदा और कृष्ण' की पेंटिंग है, यह प्रसंग 1890 के दशक का है। कला विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें मां यशोदा और बाल कृष्ण के बीच एक भावनात्मक पल को दर्शाती है। इस पेंटिंग में रोशनी और छाया का शानदार इस्तेमाल किया गया है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह पेंटिंग भारतीय कला की 'मोनालिसा' जैसी मानी जाती है।
























