राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी बोले- सरदार पटेल के फैसलों ने देश को एकजुट किया, दिलाई एकता की शपथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन परेड ग्राउंड में किया गया, जहां पीएम मोदी ने लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
इस साल समारोह में परेड को पहले से ज्यादा भव्य और आकर्षक बनाया गया है। इसमें कुल 15 झांकियां शामिल की गई हैं। खास बात यह है कि पहली बार इस परेड का आयोजन शाम के समय किया गया।
परेड में दिखी भारत की विविधता
परेड के दौरान करीब 5 हजार कलाकारों ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इन प्रस्तुतियों के जरिए देश की एकता और विविधता का संदेश दिया गया। समारोह से पहले पीएम मोदी ने एकता नगर स्थित वामन वृक्ष वाटिका का दौरा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इस वाटिका की तारीफ की।कार्यक्रम में 'नक्सल मुक्त भारत' पर आधारित एक विशेष नाट्य प्रस्तुति भी रखी गई। इसका आयोजन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) ने किया। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इन क्षेत्रों के लोगों की चुनौतियों और शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में हुए बदलावों को दिखा रहे हैं।
हमारी एकता ही सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि कई देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं। दुनिया के बड़े और शक्तिशाली देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी मुश्किलों का सामना कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ”विश्व में कई देशों के बीच युद्ध छिड़े हुए हैं. बड़े और शक्तिशाली देशों की अर्थव्यवस्थाएं कठिनाइयों से जूझ रही हैं. संसाधनों का संकट लगातार बढ़ रहा है, ग्लोबल सप्लाई चेन तितर-बितर हो गई है. ऐसे समय में, भारत की एकता और हम भारतीयों का एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि यही एकता हमें सारे तूफानों से बाहर निकालने वाली है.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रियासतों को एकजुट करना था। इस कठिन जिम्मेदारी को सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से पूरा किया। उनके प्रयासों से अलग-अलग रियासतें एक साथ आईं और एक मजबूत भारत के निर्माण का रास्ता तैयार हुआ।
