लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार सीनेट चुनाव की तारीखों का ऐलान: पंजाब यूनिवर्सिटी
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (PU)
सीनेट चुनावों को लेकर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। 50 से अधिक छात्र संगठनों और अन्य समूहों के समर्थन वाले पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने एक कठोर चेतावनी जारी की है। मोर्चे ने कुलाधिपति को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 25 नवंबर तक पुराने लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार सीनेट चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया, तो 26 नवंबर को पूरा कैंपस बंद कर दिया जाएगा।
पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा
मोर्चा विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को बहाल करने की मांग कर रहा है, जो 30 अक्टूबर से पहले लागू था। 50 से अधिक छात्र यूनियनों के समर्थन के कारण इस चेतावनी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सीनेट जैसे शीर्ष निर्णायक निकाय में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को बहाल करना आवश्यक है। छात्रों का कहना है कि चुनावों में विलंब होने से विश्वविद्यालय के फैसलों में पारदर्शिता और भागीदारी कम हो रही है।
छात्र यूनियन लीडर
रमन ने मोर्चे की मांगों की पुष्टि करते हुए हड़ताल की योजना का ब्यौरा दिया। रमन ने कहा कि, "यदि पीयू सीनेट चुनाव की तारीख 26 नवंबर तक सूचित नहीं की जाती है, तो विश्वविद्यालय को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक ब्लॉक, पुस्तकालय और सभी सुविधाएँ शामिल हैं।" उनके इस बयान से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि विश्वविद्यालय की दैनिक गतिविधियां ठप्प होने का खतरा है। इस स्थिति में, कुलाधिपति को जल्द ही कोई निर्णय लेना होगा।
छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत
यह पूरा घटनाक्रम पंजाब यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक माहौल के लिए एक बड़ा टकराव पैदा कर सकता है। मोर्चे की शक्ति और छात्र नेताओं के कड़े बयानों से स्पष्ट है कि वे अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे। प्रशासन को इस गतिरोध को टालने के लिए तुरंत छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। 26 नवंबर तक समय बहुत कम बचा है, और यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो परिसर में बंद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
























