विपक्षी दलों ने कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना प्रदर्शन किया: राजधानी दिल्ली
सदन की कार्यवाही मानसून सत्र के दूसरे दिन भी स्थगित
सदन की कार्यवाही मानसून सत्र के दूसरे दिन नहीं चलने दी। विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया और दोनों सदनों की कार्यवाही को दो बार थोड़े थोड़े समय के लिए स्थगित किया और तीसरी बार पूरे दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी दलों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की कोशिश की लेकिन जोरदार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही जब जब शुरू हुई, उसे तुरंत ही स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर नाराजगी जतायी। लोकसभा में कांग्रेस, सपा सहित दूसरे विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधि मंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की है। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष से नीट पेपर लीक पर चर्चा कराने की मांग की। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर आए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि हम चाहते हैं कि सदन में नीट पेपर लीक पर चर्चा हो। छात्रों पर क्यों लाठीचार्ज किया गया, इस पर सरकार जवाब दे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास के पास धरना प्रदर्शन
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और, छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में, कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के पास धरना प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और, प्रियंका गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान, कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने साफ तौर पर कहा कि, उनकी मुख्य मांग केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा है। और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री आवास के पास चल रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के धरने स्थल पर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र सिंह प्रधानमंत्री कार्यालय से संदेश लेकर सीधे धरना स्थल पर पहुंचे, जहां राहुल गांधी, प्रियंका गांधी
और अन्य कांग्रेस सांसद मौजूद थे। यह मुलाकात सरकार की ओर से, एक पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य विरोध प्रदर्शन को बातचीत के माध्यम से सुलझाना है। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, सरकार बहस नहीं चाहती, जबकि देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। कांग्रेस पार्टी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के, इस्तीफे की मांग कर रही है। और इस मुद्दे पर अपने आंदोलन को तेज कर रही है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन धरना स्थल पहुंचे
कांग्रेस पार्टी के धरना स्थल पर, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे। जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए, उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था। और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि, यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो, वह धरना समाप्त कर देंगे। सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि, सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद, राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी, और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी ने मंगलवार को, सैकड़ों समर्थकों के हिरासत में होने और, उन्हें वकीलों से मिलने की अनुमति न दिए जाने का, आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर धरना देने का ऐलान किया था। सीजेपी का आरोप था कि, मार्च के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और, उन्हें वकीलों से मुलाकात की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस आरोप को दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया था। पार्टी ने दावा किया कि, संसद चलो मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए सभी, प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी ने, दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रस्तावित धरने को स्थगित कर दिया। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने, एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, हमारे वकीलों ने सूचित किया है कि, सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया है। इसलिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर धरना स्थगित किया जा रहा है। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की जाती है।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर साफ किया कि, कोई भी व्यक्ति हिरासत में नहीं है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों को, चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी भ्रामक खबरें न फैलाएं। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया, सोशल मीडिया पर हिरासत और, वकीलों से मिलने की अनुमति न दिए जाने संबंधी, दावे गलत और भ्रामक हैं। स्पष्ट किया जाता है कि, फिलहाल कोई भी व्यक्ति हिरासत में नहीं है। कृपया अपुष्ट सामग्री साझा या प्रसारित न करें।






































