सार्वजनिक परीक्षा, अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के तहत, विभिन्न मंत्रालय, विभाग और इकाइयां शामिल: केंद्र सरकार
केंद्र सरकार और सी जे पी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेन्स
कॉकरोच जनता पार्टी CJP के सौरव दास ने, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉकटर जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर, बताया कि प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर केस वापसी और, कार्रवाई न होने की लिखित गारंटी पर सहमति बनी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, संविधान क्लब में कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और, आशुतोष रांका की, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और, डॉ जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत हुई। उसके बाद केंद्र सरकार और सी जे पी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेन्स में, कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर मंतर पर, धरना समाप्त करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें मान ली गयी हैं, वह जंतर मंतर में धरना देने वालों से अनुरोध करते हैं कि, वे धरना स्थल से शांतिपूर्ण वापस चले जाएं।
जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद्न सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कहा कि, ये लोकतंत्र की जीत है। सीधा लोकतंत्र जो सड़कों से निकला है यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की जेन ज़ेड Gen Z को बधाई और, उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर, देश के हर कोने से आवाज उठाई। जवाबदेही से अब सुधार की ओर है।
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि, ये लोकतंत्र की जीत है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की अहम मांग मान ली है। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद से जंतर मंतर पर जश्न का माहौल है। लंबे समय से चल रही इस लड़ाई को,
इस्तीफे के बाद पूरे देश के छात्र, जीत की तरह देख रहे हैं।
आप नेता संजय सिंह
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि, युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद। जिसऔर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता हैं। देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत, कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया। पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोज़गार तक जाएगी। इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी। आंदोलन के विजय की बधाई। आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई। यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, भारत के छात्रों की गूंज आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुंच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है। जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई। ये सत्य की जीत है। और मोदी जी के हठ की हार है। ये उन सभी परिवारों की जीत हैं, जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, ये साझा विपक्ष की जीत है। जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई। अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी माँगने की और, जिन्होंने उन पर लाठी डंडे, Pellet Guns चलवाई है, उन पर कठोर कार्यवाही करने की।
शरद पवार
शरद पवार ने कहा कि, NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर, युवाओं ने लगातार 28 दिनों तक जो संघर्ष और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह वाकई तारीफ के काबिल है। प्रदर्शनकारियों की जोरदार मांग के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है। ये लड़ाई, जो बिना डरे ज़ुल्म के खिलाफ मज़बूती से खड़ी रही और, सरकार को अन्याय के लिए नैतिक ज़िम्मेदारी लेने पर मजबूर किया, लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि, आज हमारी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे। जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में चार पॉइंट्स बताए थे। इसके साथ ही, हमने बाकी दो मांगों पर भी बात की कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए, और उनके पांच पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे, और कोई कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में सरकार ने साफ कहा है कि, हमें भी सहानुभूति है। हम सभी ने कहा है कि, नियम कानून के हिसाब से मुआवजा मिलेगा, जो भी ज्यादा से ज्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा। पांचवा पॉइंट, चार्टर एजुकेशन एग्जामिनेशन में सुधार से जुड़ा है। इसके बारे में, हमें यह कहना है कि हम एजुकेशन एग्जामिनेशन में सुधार के लिए आपके चार्टर पर गहराई से सोचेंगे और, आपके डेलीगेशन से बात करने के बाद, हम जो भी कर सकते हैं, करने की कोशिश करेंगे। तो ये उनकी मांगें थीं। मुझे लगता है कि सरकार ने उनकी सभी मांगों पर, सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है। और उन्हें मान भी लिया है।
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय, विभाग और इकाइयां
सार्वजनिक परीक्षा, अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के तहत, पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों की जांच के लिए, दिल्ली पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स STF का गठन किया है। STF देश की प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित, परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच करेगी। इनमें यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन UPSC, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन SSC, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड RRB, इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन IBPS और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA के साथ साथ केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय, विभाग और उनकी भर्ती करने वाली इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा समय समय पर अधिसूचित अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाएं भी STF के अधिकार क्षेत्र में आएंगी। संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े अन्य अपराधों की जांच करेगी। यह इन मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल भी बिठाएगी STF इन अधिकारियों संस्थाओं द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े अपराधों की त्वरित, पेशेवर और व्यापक जांच के लिए जिम्मेदार होगी। दिल्ली पुलिस के PRO एडिशनल सीपी राजीव रंजन ने कहा कि, क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, STF के कामकाज की समग्र निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण करेंगे। मामलों की प्रभावी जांच और मुस्तैदी से मुकदमा चलाने के लिए, जरूरी निर्देश जारी करेंगे। स्पेशल टास्क फोर्स का नेतृत्व दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस DCP करेंगे।








































