सोसायटियों में प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों और सुरक्षा उपकरणों का व्यापक पार्लियामेंट्री ऑडिट होगा: कमिश्नरेट गौतमबुद्ध
नोएडा गौतमबुद्ध नगर
पुलिस कमिश्नर, लक्ष्मी सिंह के, कड़े निर्देशों के अनुपालन में, कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस द्वारा, जिले के नागरिकों को, पूर्णतः सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के, उद्देश्य से, हाईराइज सोसायटियों, सेक्टरों और अन्य, महत्वपूर्ण संस्थानों की, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को, सुदृढ़ करने के लिए, एक विशेष पार्लियामेंट्री ऑडिट अभियान, शुरू किया गया है। पुलिस द्वारा जारी, प्रेस नोट के अनुसार, यह अभियान 5 अप्रैल से, शुरू होकर 7 अप्रैल 2026, तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान कमिश्नरेट क्षेत्र की, विभिन्न सोसायटियों और, संस्थानों में तैनात, प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों और, सुरक्षा उपकरणों का, व्यापक ऑडिट, किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन और, संबंधित सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ, बेहतर समन्वय स्थापित करके, विशेष पार्लियामेंट्री ऑडिट अभियान को, सफल बनाया जाएगा।
मीडिया प्रभारी
पुलिस कमिश्नर के मीडिया प्रभारी ने बताया कि अभियान के तहत मुख्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों और वहां तैनात गार्ड्स का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन हुआ है या नहीं। सोसायटियों में वाहनों और व्यक्तियों के प्रवेश एवं निकास के लिए बनाए गए रजिस्टरों के सही रखरखाव की जांच होगी। डिजिटल एंट्री-एग्जिट सिस्टम के उपयोग को बढ़ावा देने और उसके क्रियान्वयन को परखा जाएगा। सोसायटियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कुल संख्या, उनकी कार्यशीलता और फुटेज स्टोरेज की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। रात के समय गार्ड की तैनाती, गश्त और अन्य आवश्यक इंतजामों की विशेष समीक्षा की जाएगी।
पुलिस प्रशासन
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता, लापरवाही या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन RWA/AOA पदाधिकारी या सिक्योरिटी एजेंसी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सजग रहें। इस विशेष अभियान में पुलिस टीम का सक्रिय सहयोग करें, ताकि एक सुरक्षित, व्यवस्थित और संरक्षित समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।
























