हर-हर गंगे, जय मां गंगे के गगनभेदी जयघोष के साथ मुख्य स्नान घाट पर श्रद्धालुओं की आपार भीड़: गंगा दशहरा शुकतीर्थ
गंगा दशहरा
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में गंगा दशहरा के अवसर पर पौराणिक शुकतीर्थ में हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना, अक्षय वट पर मनोकामना और संतों के संदेशों के बीच पूरा तीर्थ क्षेत्र भक्ति में सराबोर रहा। पौराणिक शुकतीर्थ में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ज्येष्ठ दशहरा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु तीर्थ नगरी पहुंचे और ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ हुए मुख्य गंगा स्नान में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
श्री शुकदेव मंदिर, शुकतीर्थ
सोमवार प्रातः से ही हर-हर गंगे, जय मां गंगे के गगनभेदी जयघोष के साथ मुख्य स्नान घाट पर श्रद्धालुओं की आपार भीड़ नज़र आइ। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की पूजा-अर्चना कर पुरोहितों से विधि-विधान से अनुष्ठान कराए और अन्न व वस्त्रों का दान किया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक स्थलों श्री शुकदेव मंदिर, हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम तथा मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि विधान से दर्शन कर प्रसाद अर्पित किया। प्राचीन अक्षय वट के नीचे महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक धागे बांधकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। गंगा तट स्थित नक्षत्र वाटिका श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
तीर्थों में स्वच्छता और पवित्रता
भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने गंगा दशहरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा भारत की आत्मा, जन जन की
आस्था और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि गंगा जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी है। गंगा का जल अमृत के समान है और यह मानव जीवन के हर पड़ाव पर साथ देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने का आह्वान करते हुए कहा कि तीर्थों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।
जल पुलिस और पीएसी बल तैनात
मेले की कमान खुद जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा और एस पी देहात अक्षय संजय महाडीक संभाले हुए थे। मेले में
सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए मार्गों पर बैरियर लगाकर सभी चौपहिया व भारी वाहनों को शुकतीर्थ की सीमा से पहले ही रोक दिया गया। श्रद्धालुओं ने पैदल ही तीर्थ नगरी में प्रवेश किया। गंगा घाट पर कोई अप्रिय घटना या डूबने की दुर्घटना न हो, इसके लिए जल पुलिस और पीएसी बल को मोटरबोट के साथ तैनात किया गया था। पीएसी के जवानों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की लगातार चेतावनी दी। आला अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेने के चलते पूरा मेला सकुशल संपन्न हो गया, जिसके बाद मेला प्रशासन ने राहत की सांस ली।


























